क्या आप माँ से बेहद प्यार करते हैं और उन तक अपनी भावना पहुंचाने का सोच रहे हैं? क्या आप Maa quotes in Hindi, Special status और कविताएं अपनी प्यारी सी माँ पर न्योछावर करना चाहते हैं?  यदि हाँ, तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं।

यहाँ पाइये माँ के लिए हिंदी भाषा में 99 कोट्स, स्टेटस, और 2 line कविताएं जिन्हे आप न केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकते हैं बल्कि अपनी माँ तक अपना स्नेह भी पंहुचा सकते हैं।

Lines for Maa in Hindi

99 Heart Touching Maa Quotes in Hindi

Best lines for mother in India की आपकी खोज अब समाप्त हुई। बस अब नीचे पढ़ना शुरू कीजिये।

1.

माँईश्वर की जीवित प्रतिमूर्ति

ढेरों आशीष लिए प्रसन्न मंत्रमूर्ति।


2.

रूप अनेक विभिन्न आयाम

माँ तहेदिल से तुम्हें प्रणाम। 


3.

महताब हो माँ आफताब हो

जीवन का मृदुल मधुर राग हो।


4.

आस्था और आभार

माँ जीवन का आधार।


5.

प्रेरक, जीवनदायिनी व गमग़ुसार हो

माँ सच में जहाँ की तुम ही गौहरे-नायाब हो।


6.

ठंडक बन दे माँ तरुवर की छांव

ग़म में छुपाती दे अपने आँचल की छांव!!


7.

माँ बन के जब माँ का किरदार जिया मैंने

सारी तकलीफ़ों को तब महसूस किया मैंने।


8.

आँखों ने चाही थी बस मुट्ठी भर नींद

पलकों पे बसा दिया, माँ ने दुआओं का नीड़।


9.

माँ है तो ममता है

जीवन में समरसता है।


10.

जज़्बातों का मधुर ख़्वाब

माँ है तो, है जीवन सवाब।


11.

एक शब्द माँ ही है संपूर्ण पंक्ति

सिखाए जीने की सही जीवन पद्धति।


12.

हर ख़ुशी का माँ तुम सुंदर ख़्वाब हो

हर थिरकन में तुम्हीं घुँघरू की आवाज़ हो।


13.

जीवन बहुत कठिन है माँ, कैसे हँस कर सब सहज ले पाती हो

संघर्ष के हरर पड़ाव पर, हर बात पर माँ तुम बहुत याद आती हो!


14.

कोमल भावनाएँ, ताउम्र अपनेपन का अहसास

जीवंत लगाव का नाम माँ मिश्री सा मीठा स्वाद ।


15.

माँ से मातृत्व की डगर

जीवन में शुरू हो, एक नए जीवन का सफ़र।


16.

जिसकी ठंडी छांव में भूल जाते है सब दुख दर्द

जिसके पास है माँ हल मिलता, हो जैसा भी मर्ज़।


17.

जीवन की ऊँची नीची डगर

माँ है न संग, फिर कैसा डर।


18.

भगवान से मिलने की थी आरज़ू

बस माँ से की फिर ढेर सारी गुफ़्तगू।


19.

खुदाया मिलने ख़्वाब जो खुदा से मिलने का आया

मुड़ के देखा माँ में ही वो अक्स बाख़ुदा नज़र आया।


20.

अहसास व जज़्बात की हो जब बात

सिर्फ़ माँ की याद आती हर बात।


21.

हर गिला-शिकवा बहुत छोटा नज़र आया

बन ख़ुद माँ,किरदार माँ का जब सामने आया।


22.

जलतरंग सा मन झंकृत हो जाता है

जब माँ का प्यारा संदेशा आता है।


23.

ख़ुशियाँ रहती सदा उस द्वार

जहाँ माँ को मिलता सत्कार।


24.

माँ एक मीठा नाम

अंतर्मन की पहचान।


25.

जीवन की डगर मिलेगी बहुत कठिन व पथरीली

इरादे रखना बुलंद,कहती माँ,बना ग़मों को हमजोली।


26.

माँ के दिल को सुकून तभी आता है

जब बेटी के रुख़सार पर उसे नूर नज़र आता है।


27.

जीवन नहीं इतना आसां,गुज़रे जो बिना मुश्किलों को किए पार

इरादा हो गर पक्का,माँ कहती,बिन कश्ती भी होती है नदियाँ पार।


28.

बन बेटी की माँ ख़ुद पर यूँ इतराई हूँ

रूह से रूह मिलाने की बेला बन आई हूँ।


29.

महत्त्वाकांक्षा बना मेरा जीवट रूप

अमृतमयी माँ का था संग विश्वास अटूट।


30.

नाज़ करे मान दे,प्यार दे बेशुमार

माँ करें न्योछावर सब कुछ हरबार।


31.

सभ्य समाज की असभ्य निगाहों को माँ जान जाती है

चलो अंदर आओ कह तब तेज़ आवाज़ लगाती है।


32.

ब्रह्मांड में ढूँढा निस्वार्थ प्यार

माँ ही थी बस ऐसी ग़मगुसार।


33.

एक पुनर्जन्म होने का होता अहसास

माँ तुम ही थी न पिछली बार भी साथ।


34.

स्पर्श का जादू बेमिसाल

माँ की छुअन करती कमाल।


35.

ख़ुशी वो नहीं जो सबको दिखाए तो दिखे

माँ की आँखें पकड़ें वो जो सबको न दिखे।


36.

तजुर्रबों के अहसास है रखते गहराई

माँ की सलाह हर क़दम पर काम आई।


37.

माँ का आँचल व प्यार से बना सादा खाना

प्यार,परवाह व प्रेम का है अद्भुत नज़राना।


38.

नौ देवियों का एक ही नाम

माँ सिर्फ़ माँ,हाँ,सिर्फ़ यही नाम।


39.

माँ की शान में कुछ नायाब बोलूँ,ढूँढे कुछ शब्द

सामने पर जब माँ आई,याद रहा सिर्फ़ ‘माँ’ शब्द।


40.

आँखों में नमी थी चेहरा भी हुआ था जर्द

सीने से लग माँ के भूल गयी सब दुख दर्द।


41.

दफ़्न कर भावनाएँ क्यूँ समेटे रहती हो हमेशा दर्द

आख़िर माँ हूँ तुम्हारी ढूँढूगी हल,हो कैसा भी मर्ज़।


42.

बेशक़ीमती किताब से भी बढ़कर,है हर माँ सदा वंदनीय

जिसका हर शब्द अमूल्य,हर पन्ना पावन गीता जैसा पूजनीय।


43.

मेरा अंश मेरी अनमोल सुंदर अनुपम कृति है

माँ के ये शब्द,करते मंत्रमुग्ध बढ़ाते कीर्ति है।


44.

फ़िज़ा में हवाएँ ख़ुशबू की तरह लहराईं हो मस्त

माँ से मिल मानों तमस् में रोशनाई नाचती हो मदमस्त।


45.

मोहब्बत की ढेरों मिसाल मिलती है यूँ तो दुनिया में

माँ-बेटी के प्यार का कोई तोड़ नहीं मिला तीनों लोकों में।


46.

किताबें जो न समझा सकी अनगिनत पन्नों मे

माँ के माथे पर दिखी एक शिकन पल में ब्यां कर गई।


47.

माँ है तो हर ओर नज़र आता है प्यार अपार

क्यूँकि ममता में बसा है उसका सारा संसार।


48.

माँ के दिल को सुकून तभी आता है

जब बेटी के रुख़सार पर उसे नूर नज़र आता है।


49.

विदाई करके भी माँ नहीं मानती बेटी को पराई

क्यूँकि उसकी हर चीज़ में दिखती उसे अपनी परछाईं।


50.

जन्म से पहले जुड़ा था नाता माँ से

बिन तार ख़बर पहुँचाता ख़ुद वहाँ पे।


51.

दुनिया की सबसे ख़ास राज़दार दोस्त माँ होती है।


52.

छुपा लिए सारे रंजो-ग़म हमने दुनिया जहान से

पारखी आँखों की थी पकड़,छुपा न पाए बस माँ से।


53.

जिस दिन बिना दुआ लिए निकल जाते है

न जाने क्यूँ दिन कश्मकश में जकड़ा सा रहता है।


54.

घर की दहलीज़ तक छोड़ने आती है माँ बादस्तूर

यूँ उड़ती चिड़िया भी रोज दिखाती है,कैसा ये दस्तूर!!


55.

माँ-मातृत्व दुनिया का सर्वोच्च ख़िताब है।


56.

नोहा-ए-तन्हा सा दिल होता जब भी बेकल

माँ की आवाज़ बाँसुरी की सुरीली तान सी लगती है।


57.

परवरिश करने में ख़ुशी ज़ाहिर की जिसने पल पल

सिर्फ़ एक दिन उसे याद करना,क्या ज़्यादती नहीं ख़ुद पर।


58.

किसी उपवास व मंदिर जाने की ज़रूरत नहीं लगती कभी मुझे

इबादत ही इनायत हो जाती है जब माँ संग होती है।


59.

नहीं चुका पाया न ही चुका पाएगा कोई माँ का क़र्ज़

निश्छल प्रेम की क़ीमत बस प्रेम दे,किंचित सा अता किया फ़र्ज़।


60.

माँ की नसीहतें वक़्त-बेवक्त पर ख़ूब याद आती है

अनुभव के ख़ज़ाने की चाबी यूँहीं नहीं थमाई जाती है।


61.

घर भी तब घर नहीं लगता

माँ के बिना कोई वजूद नहीं लगता।


62.

उधड़ें स्वेटर की गर्माहट आज भी क़ायम है

काँपते हाथों से,प्यार जो बुना था माँ ने उसमें।


63.

दिल मानता नहीं कि अब हो ही नहीं माँ तुम इस जहाँ में

ग़मगीन होने पर ये कौन चुपके से फिर तसल्ली दे जाता है।


64.

माँ के भी सपनें होते है सोचा ही नहीं कभी मैंने

मैं ही उसका एक बस सपना हूँ,यही महसूस किया मैंने।


65.

क्या अहसास लिखूँ,क्या ख़यालात लिखूँ

दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शब्द माँ,इसमें ही सब जज़्बात लिखूँ


66.

चुनना था माँ या भगवान

चुना माँ क्यूँकि वो थी स्वयं भगवान।


67.

यादों के बक्से खोलो तो चिट्ठियों की गंध महकाती है

स्याही में डूबे शब्द टटोलो तो माँ ही बस नज़र आती है।


68.

माँ की आँखों की नमी बस पलकों पर थम जाती है

सहम न जाए बच्चे बस ये सोच हर ग़म पी जाती है।


69.

माँ कभी भोर की किरण कभी सर्दियों की गुनगुनी दोपहर लगती है

गर चुप है तो बदली से घिर आयी,फिर बादलों का पैग़ाम लगती है।


70.

हे प्रभु,सुनो!अगले जन्म मुझे बिटिया ही कीजो

बस गुज़ारिश है इतनी कि माँ मुझे ये ही दीजो।


71.

गर्व होता है मैं माँ हूँ,सृजनहार हूँ

माफ़ कर सकूँ,ख़ुशबू-ए-रूह से सरोबार हूँ।


72.

उनिदीं आँखों में भरी नींद व दिन भर की थकान

बच्चों के सपनों हो पूरे,माँ जोश भरें सुबहों-शाम।


73.

जीते जी जाने-अनजाने अक्सर दिल दुखा जाते है

तेरे जाने के बाद माँ,चाह के भी तेरी झलक नहीं पाते है।


74.

तेरी याद बहुत आती है,बहुत तड़पाती है

माँ क्या करूँ कुछ ऐसा जो तुझ से मिलवाती है।


75.

कल रात ख़्वाब में यूँ प्यारी सी मुलाक़ात हुई

माँ से फिर बहुत सारी दिल की बातें बेबाक़ हुई।


76.

हिचकियों की ग़ुस्ताख़ी देखिए आती रही

माँ की यादें भी संग संग लाती रही।


77.

समुद्र की गहराई माँ की तरह नज़र आती है

उथल-पुथल है अन्दर,पर शांत नज़र आती है।


78.

हर शेर हर अशआर हर ग़ज़ल यूँही हक़ीक़त को ब्यां न करती

अल्फ़ाज़ लिखूँ जब भी,तेरी तस्वीर माँ आँखों में है आ बसती।


79.

सहेजे दुख-सुख बचपन व बचपना

माँ घर में हो,तभी घर लगता अपना।


80.

माँ संग मिल हँसी के ठहाके जब लगाते है

सच बताऊँ,जहाँ में सबसे अमीर तब बन जाते है।


81.

लिखना चाहूँ सुनो माँ! कुछ ऐसा,जो पढ़े सकूँ सा पाएँ

आह भरी ज़िंदगी में उसके आह का अन्दाज़ बन जाएँ।


82.

हँस के लड़ोगे तो निश्चित जीत हासिल कर पाओगे

हारे मन से तो,कहती माँ,ख़ुद से वैसे भी हार जाओगे।


83.

माँ की मीठी सीख,मीठा बोलो मिसरी सी घोलो

पहले सोचो,फिर तोलो,जब भी बोलो मीठा बोलो।


84.

माँ की सीख ही जीवन की अनमोल पूँजी है

सहेजे रखना ही जीवन की संजीवनी बूटी है।


85.

मैया तू ही मेरा संसार,तू ही तो है सृजनहार

तू ही पालनहार,मेरे जीवन की तू ही ग़मगुसार।


86.

माँ की जादू की झप्पी मिलती है बेमोल

कैसी भी हो परेशानी,दवा सी है बड़ी अनमोल।


87.

माँ कहती अँजुरी में भरपूर रखो सदा ख़ुशियों के रंग

जीवन में अठखेलियाँ करता रहे ताकि सदाबहार बसंत।


88.

मम्मी है न,संभाल लेंगी,क्या डर

इस दुलार में है दम,उठ बन निडर।


89.

ये माँ के ही बताए शब्द है,जो हाले-ब्यां ख़ुदबख़ुद करते है

लफ़्ज़ों की दास्ताँ ही से फिर नया इतिहास रचा करते है।


90.

महकाएँ मन की बगिया,रख सदा सुंदर सरल विचार

असावधानी ही,माँ समझाती,करती जीवन को बेकार।


91.

रिश्तों का बिखराव लाता जीवन में अनचाहा अवसाद

सहजता गर है स्वभाव में,माँ कहती,नहीं होगा मन उदास।


92.

एक हरदिल अज़ीज़ जज़्बात के जज़्बे का मीठा नाम है

हर हाल हर परिस्थिति में माँ उमंग जगाने का दूजा नाम है।


93.

उड़ती चिड़िया में बच्चों के सपनों को देखने का ख़्वाब माँ ही बुनती है।

हौसलों को मिले सुनहरी पंख,उनकी सरंचना भी फिर करती है।


94.

ख़ुशी वो नहीं जो सबको दिखाए तो दिखे

माँ की आँखें पकड़ें वो जो सबको न दिखे।


95.

माँ का प्यार से बालों में मालिश करना फिर गोद में मेरा सो जाना

मुझे छोटी बच्ची ही समझना,लोरी सुनाना,वाह क्या था ज़माना।


96.

मेरे ज़ेहन में माँ है काल-विजयी विजेता

मुस्कान ओढ़ करती मुक़ाबला,सदैव अरिहंता।


97.

सुना है मैंने, पहला शब्द बोला था जब मम्मा-

ख़ुशी से माँ आप रो पड़ी थी.. यह कह

मेरी परी मेरा अंश, मेरे जिगर का टुकड़ा।


98.

दिल के पुरफ़ूसूँ-लम्हे, दिल की है आरज़ू

बेसाख़्ता बस होती रहे माँ आपसे गुफ़्तगू।


99.

गहन तमस् में जुगनू की चमक का नाम माँ है।

उम्मीद है की आपकी माँ को आपकी तरफ से भेजी हुई शब्दों की प्यार भरी भेंट अच्छी लगेगी 🙂

अर्चना गुप्ता
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